14 अगस्त को है शिव भक्तो के लिए बेहद खास : इस शिवरात्रि में इन 7 कार्यो से करे देव के देव महादेव को प्रसन्न

By Shweta Soni

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हेलो दोस्तों , मै श्वेता आप सभी का स्वागत है आज मै आप सभी के लिए 14 अगस्त को है शिव भक्तो के लिए बेहद खास : इस शिवरात्रि में इन 7 कार्यो से करे देव के देव महादेव को प्रसन्न करे | आधिक मास सवन 2023 में शिवरात्रि की तारीख, समय, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, उपाय और उपाय पर एक विस्तृत लेख। यह लेख आपको आधिक मास के महत्वपूर्ण तिथियों और पूजा विधियों के बारे में जानकारी प्रदान करेगा।

सावन का महीना हिन्दू पंचांग में एक पावन मास माना जाता है, जिसमें भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है। सावन के महीने में आने वाली दूसरे नवरात्रि को सावन शिवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है। इस मास में भगवान शिव को खुश करने के कई उपाय और विशेष पूजा विधि है, जिनका पालन करने से व्यक्ति अपने जीवन में सुख और समृद्धि प्राप्त कर सकता है। इस लेख में हम आपको सावन शिवरात्रि 2023 पर भगवान शिव को खुश करने के उपाय और सावन शिवरात्रि की पूजा विधि के बारे में विस्तार से बताएंगे।

सूची

  1. परिचय
  2. आधिक मास का महत्व
  3. शिवरात्रि की तारीख और समय
  4. शिवरात्रि की पूजा विधि
  5. शुभ मुहूर्त
  6. व्रत के उपाय और उपाय
  7. शिवरात्रि का महत्व
  8. परिणाम
  9. सामान्य प्रश्न

परिचय

आधिक मास, जिसे सवन के नाम से भी जाना जाता है, हिन्दू पंचांग के अनुसार एक विशेष मास होता है। यह मास लगभग 32 दिनों का होता है और आम तौर पर 3 साल में एक बार आता है। आधिक मास में कई प्राचीन परंपराओं और धार्मिक क्रियाओं का महत्व होता है, जिसमें शिवरात्रि भी शामिल है।

14 अगस्त को है शिव भक्तो के लिए बेहद खास

आधिक मास का महत्व

आधिक मास को ‘मलमास’ भी कहा जाता है और इसे हिन्दू धर्म में विशेष महत्व दिया जाता है। इस मास में भगवान विष्णु का शायन परियान में रहना होता है और इसलिए इस मास में कोई शुभ कार्य नहीं किया जाता है। इसके साथ ही, इस मास में भगवान शिव की पूजा भी विशेष रूप से की जाती है, जो आधिक मास के एक महीने के अवधि में होती है।

शिवरात्रि की तारीख और समय

इस आधिक मास में शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष, आधिक मास सवन 2023 में शिवरात्रि 9 अगस्त को मनाई जाएगी। यह पूजा तिथि के अनुसार विभिन्न प्रांतों में थोड़ी सी भिन्नता के साथ मनाई जा सकती है। शिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है और भक्तों का मानना है कि इस दिन उनकी पूजा से सभी पापों का नाश होता है।

शिवरात्रि की पूजा विधि

शिवरात्रि की पूजा करते समय, ध्यान देने योग्य कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं का पालन करना आवश्यक है।

H2: शिवरात्रि की पूजा के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:

H3: पूजा के लिए सामग्री की तैयारी

पूजा के लिए आपको शिवलिंग, बेल पत्र, धूप, दीप, बिल्व पत्र, पंचामृत (दही, घी, शहद, दूध, गन्ध) आदि की तैयारी करनी होगी।

H3: व्रत का पालन

शिवरात्रि के दिन व्रत का पालन करना आवश्यक होता है। आपको नींद से उठकर स्नान करना चाहिए और पूजा के बाद ही भोजन करना चाहिए।

H3: ध्यान और ध्यान

शिवरात्रि के दिन आपको भगवान शिव का ध्यान करना चाहिए और मन्त्रों का जाप करना चाहिए।

शुभ मुहूर्त

शिवरात्रि के दिन निशिदिन का विशेष महत्व होता है। इस दिन शिवरात्रि का पूजन सर्वाधिक महत्वपूर्ण होता है।

व्रत के उपाय और उपाय

H2: शिवरात्रि के व्रत में सफलता पाने के लिए निम्नलिखित उपायों का पालन करें:

H3: भगवान शिव की आराधना

शिवरात्रि के दिन भगवान शिव की आराधना करने से व्रत की सफलता मिलती है।

H3: जागरण आयोजन

शिवरात्रि की रात्रि में जागरण आयोजित करने से आपके व्रत की महिमा बढ़ती है।

14 अगस्त को है शिव भक्तो के लिए बेहद खास

शिवरात्रि का महत्व

शिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा करने से भगवान की कृपा मिलती है और उनके आशीर्वाद से सभी कष्टों का नाश होता है।

परिणाम

आधिक मास सवन 2023 में शिवरात्रि की तारीख, समय, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, उपाय और महत्व के बारे में जानकारी देता है। शिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा करने से भगवान की कृपा मिलती है और सभी कष्टों का नाश होता है।

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